पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी जा सकती है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को कांग्रेस नेतृत्व की सहमति मिल चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा से दिल्ली में बातचीत कर नए संगठनात्मक ढांचे को लेकर चर्चा की है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य दलित और हिंदू मतदाताओं के बीच संतुलन बनाते हुए सामाजिक समीकरणों को मजबूत करना है। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा अपने वर्तमान पद पर बने रह सकते हैं, ताकि जट्ट सिख नेतृत्व को भी प्रतिनिधित्व मिलता रहे।
सूत्रों का कहना है कि राजा वड़िंग और सुखजिंदर रंधावा को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण चुनावी समितियों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कांग्रेस इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में भी चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर मैदान में उतरी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब की लगभग 32 प्रतिशत दलित आबादी को देखते हुए चरणजीत चन्नी पार्टी के लिए एक मजबूत चेहरा साबित हो सकते हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व से दलित और गरीब वर्ग का पारंपरिक वोट बैंक फिर से पार्टी के साथ जुड़ सकता है।
इसके साथ ही विजयइंदर सिंगला को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर कांग्रेस शहरी और हिंदू मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है। वहीं, राजा वड़िंग और सुखजिंदर रंधावा को चुनावी रणनीति और अभियान से जुड़ी प्रमुख समितियों में जिम्मेदारी देकर जट्ट सिख समुदाय के नेतृत्व को भी संतुलित रखने की योजना बनाई जा रही है।


