चंडीगढ़, 27 जून – अंतरराष्ट्रीय नशा दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के मौके पर शनिवार को चंडीगढ़ नगर निगम में विशेष सदन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक Gulab Chand Kataria ने पंजाब में बढ़ते नशे के खतरे पर गंभीर चिंता जताई।
कटारिया ने कहा कि पंजाब वह धरती है जिसने देश को सबसे ज्यादा वीर सैनिक, शहीद और खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन आज वही पंजाब नशे की चुनौती से लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कटारिया ने कहा कि गांव-गांव जाकर उन्होंने लोगों की पीड़ा सुनी। उन्होंने बताया कि कई माताओं और बहनों ने हाथ जोड़कर कहा कि उन्हें सड़कें और विकास बाद में चाहिए, पहले उनके बच्चों को नशे से बचाया जाए।
उन्होंने कहा कि कई परिवारों ने बताया कि नशे की गिरफ्त में आए युवा घर का सामान तक बेच देते हैं और कई बार परिवार के साथ हिंसक व्यवहार भी करने लगते हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कटारिया ने कहा कि सीधी लड़ाई में भारत से मुकाबला न कर पाने के बाद अब पड़ोसी देश पंजाब की युवा शक्ति को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा सुरक्षा मजबूत होने के बाद ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी की नई कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने प्रशासन, समाज और युवाओं से मिलकर नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाने की अपील की।


