पंजाब के वरिष्ठ अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अमृतसर पुलिस ने उनकी तलाश के लिए 12 विशेष टीमें गठित की हैं, जो अमृतसर के साथ-साथ चंडीगढ़ समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार मजीठा थाने में दर्ज एक मामले में मजीठिया और उनके समर्थकों पर पुलिस हिरासत से एक आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने का आरोप है। इसी संबंध में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ग्रीन एवेन्यू स्थित आवास, चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल और अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाश कर रही है।
अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सुहेल कासिम मीर ने बताया कि 30 मई को दर्ज एफआईआर के तहत सोहियां कलां निवासी जोबनप्रीत सिंह को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्र हो गए और पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने थाने में प्रवेश करने का प्रयास किया।
पुलिस का दावा है कि भीड़ का उद्देश्य हिरासत में मौजूद आरोपी को छुड़ाना था। अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान बिक्रम मजीठिया भी मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस रिकॉर्ड और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों द्वारा लोगों को समझाने के बावजूद कुछ व्यक्तियों ने आरोपी को कमरे से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की की। इस दौरान एक अधिकारी का मोबाइल फोन छीनने का प्रयास भी किया गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने आरोपी को दोबारा हिरासत में ले लिया। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के आधार पर अब तक 6 से 7 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि घटनास्थल पर 50 से अधिक लोग मौजूद थे। अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।


