पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसी ने दो सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों समेत कुल 5 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार सोमवार को जालंधर स्थित ED कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कई अहम दस्तावेज और फाइलें भी लाई गईं। वहीं बाकी अधिकारियों और कारोबारियों को दिल्ली स्थित ED दफ्तर में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, संजीव अरोड़ा को दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद गुरुग्राम कोर्ट में पेश किया गया। साथ ही उनकी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई, जहां ED ने अपना पक्ष रखा।
सूत्रों के मुताबिक, ED न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इसी कड़ी में 8 और 9 मई को कई बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी।
ED ने पावरकॉम के CMD बसंत गर्ग, डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन, कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल को भी समन भेजा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या कुछ कंपनियों को नियमों में ढील देकर वित्तीय फायदा पहुंचाया गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को कथित तौर पर बैंक गारंटी से जुड़ी राहत दिए जाने के मामले की भी जांच हो रही है। आरोप है कि कंपनी की पुरानी बैंक गारंटी नई गारंटी जमा हुए बिना ही रिलीज कर दी गई थी।
इसके अलावा ED कथित बेनामी संपत्तियों, शेल कंपनियों के जरिए फंड ट्रांसफर और संदिग्ध निवेशों की भी जांच कर रही है। कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल को इस मामले में संजीव अरोड़ा का करीबी माना जा रहा है।
वहीं गमाडा के अधिकारी संदीप सिंह से सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) से जुड़ी फाइलों और मंजूरी रिकॉर्ड के संबंध में पूछताछ की जा सकती है।


