International: नेपाल के लुंबिनी राज्य ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दलित समुदाय के अधिकारों और कल्याण के लिए एक नया बिल पास किया है। यह देश का पहला प्रांत बन गया है जिसने इस तरह का व्यापक कानून तैयार किया है। नेपाल में पहले से दलितों के लिए एक राष्ट्रीय कानून मौजूद है, जो भेदभाव रोकने और बराबरी के अधिकार देने पर केंद्रित है। लेकिन लुंबिनी का यह नया बिल इससे आगे बढ़कर दलितों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान देता है, जैसे रहने के लिए घर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं। इस बिल के तहत गरीब दलित परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। जो छात्र आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके लिए हॉस्टल की सुविधा दी जाएगी और स्कूलों व विश्वविद्यालयों में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इससे शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे गरीब दलितों को मुफ्त इलाज देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, पारंपरिक काम करने वाले दलितों को आधुनिक बनाने के लिए मशीन, उपकरण और कच्चे माल पर सब्सिडी और सस्ते लोन देने की भी योजना है। यह बिल Janmajay Timilsina द्वारा प्रांतीय विधानसभा में पेश किया गया था और इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। अब यह प्रांतीय प्रमुख की मंजूरी के बाद कानून बन जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कानून से दलित समुदाय को सामाजिक न्याय मिलेगा, उनके अधिकार मजबूत होंगे और उन्हें नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन तक हर स्तर पर भागीदारी मिलेगी।


