नेशनल : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को संसद में सरकार से विवाहित जोड़ों के लिए Optional Joint ITR Filing की सुविधा शुरू करने की बात कही है। चड्ढा का तर्क देते हुए कहा कि मौजूदा टैक्स व्यवस्था उन परिवारों के साथ अन्याय करती है जहाँ कमाई का वितरण असमान है।
राघव चड्ढा ने दिया ये उदाहरण
राघव चड्ढा ने दो परिवारों के उदाहरण से समझाया कि कैसे वर्तमान सिस्टम एक ही बजट वाले घरों से अलग-अलग टैक्स वसूलता है। चड्ढा ने उदाहरण देते हुए कहा कि नया टैक्स रिजीम ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री रखता है। परिवार A में दोनों की आय सीमा के अंदर है, इसलिए टैक्स जीरो है। लेकिन परिवार B में, जहाँ एक जीवनसाथी बच्चे की परवरिश के लिए घर पर है, वहां सरकार ₹1.92 लाख टैक्स वसूल रही है। एक छत, एक रसोई और एक बजट होने के बावजूद टैक्स के समय पति-पत्नी ‘अजनबी’ क्यों मान लिए जाते हैं?”


