उत्तर प्रदेश—रसोई गैस (LPG) की किल्लत अब आम लोगों की रसोई से निकलकर शादी-ब्याह, होटल-रेस्टोरेंट और उद्योगों तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हालात ऐसे हैं कि बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा। जिन घरों में शादी या अन्य समारोह हैं, वहां लोग मजबूरी में लकड़ी और मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनवा रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को 500 से ज्यादा शादियां थीं, लेकिन कई घरों में हलवाइयों को गैस के बजाय लकड़ी पर ही खाना पकाना पड़ा।
पिपराइच कस्बे में एक शादी में सिलेंडर नहीं मिलने पर डेढ़ क्विंटल लकड़ी खरीदकर खाना बनाया गया। शहर के एक मैरिज हॉल में भी लड़कियों वालों को लगभग दो क्विंटल लकड़ी मंगवानी पड़ी। वहीं एक ब्रह्मभोज कार्यक्रम में भी गैस न मिलने से पूरा खाना लकड़ी के चूल्हे पर तैयार करना पड़ा। हालात सिर्फ घरों तक सीमित नहीं हैं। गोरखपुर के तारामंडल स्थित एक रेस्टोरेंट ने तो गैस की किल्लत के कारण मिट्टी का चूल्हा बना लिया है, जहां अब उपलों पर लिट्टी और अन्य व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं।
गैस संकट का असर बाजार पर भी दिखने लगा है। आगरा में चाय, कचौड़ी, बेढ़ई और जलेबी जैसे नाश्तों के दाम बढ़ गए हैं। उधर, कई जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी के मामले भी सामने आए हैं। गोरखपुर में दो गैस एजेंसियों पर कार्रवाई करते हुए गोदाम सील किए गए और मालिक को गिरफ्तार किया गया, जबकि कानपुर में अवैध रिफिलिंग के खिलाफ छापेमारी में 49 सिलेंडर बरामद हुए।


