गोहाना : पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के तनाव ने सात समंदर पार हरियाणा के एक छोटे से गांव में कोहराम मचा दिया है। गोहाना के बिधल गांव के दो सगे भाई, अमित मलिक और अनिल मलिक, इस समय युद्ध क्षेत्र के बीचों-बीच कतर और दुबई के समुद्री इलाकों में फंसे हुए हैं।
दोनों भाई मर्चेंट नेवी में तेल और गैस रिग (Oil & Gas Rig) पर काम करते हैं। युद्ध के बीच उनकी स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें रिग से सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा। अमित मलिक ने बताया कि होटल में ठहरने के दौरान उनके सिर के ऊपर से मिसाइलें गुजरती दिखाई दीं, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। बड़े भाई अनिल मलिक ने जानकारी दी कि बेस कैंप पर अचानक वार्निंग सायरन बजने के बाद सभी कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों (Bunkers) पर शिफ्ट कर दिया गया।
बिधल गांव का यह परिवार एक साधारण किसान परिवार है। करीब 10 साल पहले अमित मलिक ने बेहतर भविष्य के लिए विदेश का रुख किया था। बाद में उन्होंने अपने बड़े भाई अनिल को भी इसी क्षेत्र में नौकरी दिलाई। समुद्र के भीतर करीब 18 से 20 हजार फीट तक ड्रिलिंग कर तेल और गैस निकालना बेहद खतरनाक काम है, जहाँ 28 दिनों तक लगातार 12-12 घंटे की शिफ्ट करनी पड़ती है।


