साढ़े 3 साल से गौरव यादव कार्यकारी डीजीपी
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले AAP सरकार को झटका लगा है। UPSC ने परमानेंट DGP के लिए पैनल मांग लिया है। अभी गौरव यादव कार्यकारी DGP के तौर पर काम कर रहे हैं।
UPSC के इस फैसले से तय है कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस को परमानेंट डीजीपी मिल जाएगा। हालांकि सरकार या पंजाब पुलिस की तरफ से इसको लेकर औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी DGP की प्रथा को लेकर चिंता जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये प्रथा ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि UPSC अपने लेवल पर सरकारों से नाम मांगे।
इसमें पंजाब सरकार के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे। जिसके बाद डीजीपी के लिए 3 नाम भेजे जाएंगे। जिसमें सरकार को किसी एक को चुनकर परमानेंट डीजीपी लगाना होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नए DGP की बात करें तो इस वक्त पंजाब में 17 अफसर DGP रैंक पर काम कर रहे हैं। इनमें संजीव कालड़ा सबसे सीनियर हैं लेकिन उनकी रिटायरमेंट जल्द होने वाली है, इसलिए वह इस रेस में नहीं रह पाएंगे।
इसके अलावा परमानेंट DGP के पैनल को लेकर शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिद्धू का भी नाम है। वहीं पंजाब कैडर के रॉ चीफ पराग जैन भी हैं लेकिन उनके वापस आने की उम्मीद कम हैं। पैनल में गौरव यादव का भी नाम होगा।
पंजाब में साढ़े 3 साल से कार्यकारी DGP पंजाब में पिछले करीब साढ़े 3 साल से 1992 बैच के IPS अफसर गौरव यादव ने DGP पद संभाला हुआ है।


