कांग्रेस ने सोशल मीडियो X पर रविवार को राहुल गांधी की गिग वर्कर्स के डिलीगेशन से मुलाकात का वीडियो शेयर किया। राहुल ने कहा कि राज्यों और केंद्र में सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी(BJP) की सरकार गिग वर्कर्स के साथ अन्याय कर रही है।
उन्होंने कहा कि BJP की सरकारें इस अन्याय को नजरअंदाज कर रही हैं। गिग कंपनियों के लिए कोई मजबूत कानून नहीं हैं, कोई सोशल सिक्योरिटी नहीं है और कोई जवाबदेही नहीं है।
राहुल के मुताबिक ये मुलाकात कुछ दिन पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले, मैं जन संसद में गिग वर्कर्स के एक डेलीगेशन से मिला। उन्होंने कहा कि गिग सेक्टर में वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा दलित और आदिवासी कम्युनिटी से है। इस सिस्टम में उनके साथ क्लास और जाति के आधार पर भेदभाव होता है।
- गिग इकॉनमी में काम करने वालों के पास स्टेबल इनकम, सोशल सिक्योरिटी और मेडिकल केयर और इंश्योरेंस जैसी बेसिक सुविधाओं की कमी है।
- वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ गया है, और बेसिक इंसानी इज्जत खत्म हो रही है। गिग सेक्टर में वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा दलित और आदिवासी कम्युनिटी से है। इसलिए उनके साथ भेदभाव होता है।
- कांग्रेस शासित राज्यों में सरकारें गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी, मिनिमम वेज और बराबरी दिलाने के लिए अधिकारों पर आधारित कानूनों पर काम कर रही हैं।
- हम अपने राज्यों में एक मॉडल कानूनी ढांचा बना रहे हैं जिसे पूरे देश में लागू किया जा सके। गिग वर्कर्स की लड़ाई सिर्फ रोजगार के बारे में नहीं है – यह सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के बारे में है।
- कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 10 मिनट डिलीवरी पर जो फैसला लिया है वो इंसानियत भरा और दूर की सोचने रखने वाला है।


