विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर शुक्रवार को तमिलनाडु की IIT मद्रास पहुंचे। यहां विदेश मंत्री ने कहा कि पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं, दुर्भाग्य से, हमारे हैं। अगर कोई देश यह तय करता है कि वह जानबूझकर, लगातार और बिना पछतावे के आतंकवाद जारी रखेगा तो हमें अपने लोगों को आतंकवाद से बचाने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि हम उस अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, यह हम पर निर्भर है। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। हम खुद को बचाने के लिए जो कुछ भी करना होगा, वह करेंगे।
विदेश मंत्री ने कहा कि कई साल पहले हमने पानी बांटने की व्यवस्था पर सहमति जताई थी, लेकिन अगर दशकों तक आतंकवाद होता है तो अच्छे पड़ोसी होने की भावना नहीं रहती।
जयशंकर ने IIT मद्रास के कार्यक्रम शास्त्र 2026 का उद्घाटन भी किया। इस दौरान विदेशों में IIT मद्रास की शाखाएं खोलने को लेकर कई MoU भी साइन हुए।बांग्लादेश में अशांति पर विदेश मंत्री ने कहा- ‘मैं अभी दो दिन पहले बांग्लादेश में था। मैं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने गया था। हमें कई तरह के पड़ोसी मिले हैं।
अगर आपका कोई पड़ोसी आपके लिए अच्छा है या कम से कम आपके लिए नुकसानदायक नहीं है तो इसमें परेशानी नहीं है। जहां भी अच्छे पड़ोसी होने की भावना होती है, भारत निवेश करता है, भारत मदद करता है, भारत शेयर करता है।’


