गांव मकौड़ा पत्तन। यह पंजाब के गुरदासपुर जिले के कस्बे दीनानगर का वह गांव है, जहां 15 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दौरा किया। वह मकौड़ा पत्तन से उन 7 गांवों में जाने वाले थे, जो पाकिस्तान बॉर्डर से सटे हैं।
हालांकि, पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इसे लेकर राहुल गांधी ने अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए
राहुल गांधी को मकौड़ा पत्तन से नाव से जाना था, जहां वह कजला गांव में लोगों से मिलने वाले थे। यह गांव बॉर्डर से करीब 4 किलोमीटर दूर है। यहां राहुल गांधी से मिलने लसिआंण गांव के लोग भी आने वाले थे।
हम मकौड़ा पत्तन से नाव में बैठकर 7 किलोमीटर के दायरे में फैले हर उस गांव तक पहुंचे, जहां के लोग राहुल गांधी से मिलने वाले थे। यहां लोग निराश हैं। वह कहते हैं, “वे खुद राहुल से मिलने जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने नाव ही नहीं भेजी।” ये वे गांव हैं, जो इस वक्त बाढ़ के कारण पंजाब से एकदम कट चुके हैं। इन 7 गांवों तक पहुंचने का एकमात्र नाव ही सहारा है।


