पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच अब CBI करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर परिवार की मांग स्वीकार करने और केस केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपने का ऐलान किया। यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के झोटा के परिवार से मिलने के प्रस्तावित दौरे से पहले हुई।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनका परिवार अकेला नहीं है। सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी और नशा तस्करों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को मानसा में मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने के दौरान परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केमिस्ट अश्विनी कुमार का नाम सामने आया। घटना के बाद से ही परिवार CBI जांच की मांग कर रहा था। परिवार ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया था और झोटा का शव पिछले आठ दिनों से सिविल अस्पताल में रखा हुआ है।
परविंदर झोटा मामले को लेकर गठित इंसाफ कमेटी के सदस्य और परिवार के करीबी इंद्रजीत सिंह मुंशी ने कहा कि अमित शाह के दौरे को देखते हुए पंजाब सरकार ने अब CBI जांच की सिफारिश की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने यह कदम पहले क्यों नहीं उठाया। मुंशी ने स्पष्ट किया कि परिवार और कमेटी का प्रदर्शन जारी रहेगा। उनकी मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि परविंदर सिंह के पिता के बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
BJP नेता रवनीत बिट्टू ने सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने CBI जांच के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमित शाह अभी विमान में सवार भी नहीं हुए थे कि पंजाब सरकार ने जांच CBI को सौंपने की घोषणा कर दी।
मंत्री अमन अरोड़ा ने फैसले पर दी सफाई
पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि CBI जांच का फैसला अमित शाह के दौरे के दबाव में नहीं लिया गया। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान उसी दिन फ्रांस से लौटे थे और उसके बाद यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे या नहीं, इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी होने से इनकार किया।
परिवार से मिलने पहुंची थीं तीन महिला IAS अधिकारी
इससे पहले सोमवार को तीन महिला IAS अधिकारियों की टीम मानसा पहुंची थी। टीम में फरीदकोट मंडल की कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़, मानसा की DC नवजोत कौर और पूर्व DC अपनीत रियात शामिल थीं। अधिकारियों ने परिवार और इंसाफ कमेटी से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं और ज्ञापन लिया, लेकिन उस समय कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका था।


