पवन टीनू ने 2016 से अटके NH-03 फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया, DPR की मंजूरी और जल्द टेंडर जारी करने की मांग
मालविंदर कंग ने जालंधर-होशियारपुर मार्ग को बताया अहम धार्मिक व अंतरराज्यीय कॉरिडोर, परियोजना में तेजी लाने का किया आग्रह
नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026। जालंधर-होशियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एन एच –03) के जालंधर-होशियारपुर सेक्शन के लंबे समय से रुके फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करवाने के लिए आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू और आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आदमपुर फ्लाईओवर सहित पूरे सड़क कॉरिडोर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा और निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की।
पवन टीनू ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान एन एच-03 के जालंधर-होशियारपुर सेक्शन की ओर दिलाते हुए कहा कि इस मार्ग का फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट लंबे समय से अधर में है। वर्ष 2016 से इस हिस्से से गुजरने वाले यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को भारी ट्रैफिक जाम, आवागमन में परेशानी और सड़क सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग जालंधर और होशियारपुर के बीच आवागमन का एक महत्वपूर्ण माध्यम होने के साथ-साथ पंजाब को हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला प्रमुख सड़क कॉरिडोर भी है। ऐसे में इसके अधूरे रहने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पवन टीनू ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का पिछला कॉन्ट्रैक्ट 29 जुलाई 2025 के डी.ओ. के माध्यम से समाप्त कर दिया गया था। इसके पीछे मुख्य कारण होशियारपुर में जमीन पर कब्जे से जुड़े मुद्दे तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानूनी कार्रवाई थी। इसके कारण परियोजना का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा इस कॉरिडोर की आवश्यकता को देखते हुए 17.800 किलोमीटर लंबे हिस्से,( सीएच 11.400 से सीएच 29.200 तक) के लिए री-टेंडरिंग प्रक्रिया को मंजूरी देने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का आभार भी व्यक्त किया।
पवन टीनू ने बताया कि अथॉरिटी इंजीनियर (AE) की ओर से तैयार की गई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर ) को पंजाब के चीफ इंजीनियर के माध्यम से रीजनल ऑफिस (आरओ), चंडीगढ़ में जमा करवाया जा चुका है। हालांकि, यह प्रस्ताव फिलहाल आरओ चंडीगढ़ स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रशासनिक ऑब्जर्वेशन के कारण लंबित है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि आरओ चंडीगढ़ और मिनिस्टरी आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे (MoRTH) के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि लंबित ऑब्जर्वेशन को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि डीपीआर को शीघ्र मंजूरी मिलने और टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से एन एच –03 के इस महत्वपूर्ण हिस्से पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिल सकेगी।
पवन टीनू ने कहा कि जालंधर-होशियारपुर एन एच –03 केवल स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण सड़क नहीं है, बल्कि यह एक प्रमुख धार्मिक यात्रा मार्ग भी है। इस हाईवे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, बाबा बालक नाथ और तख्त श्री केसगढ़ साहिब, आनंदपुर साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की ओर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क के फोर-लेन होने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम यात्रियों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही, जालंधर, होशियारपुर और हिमाचल प्रदेश के बीच यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।
आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष इस सड़क परियोजना को जल्द पूरा करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एन एच –03 पंजाब के महत्वपूर्ण इलाकों को हिमाचल प्रदेश तथा आगे जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।
उन्होंने परियोजना से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने तथा निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की मांग की, ताकि इस मार्ग का लाभ क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों, यात्रियों और श्रद्धालुओं को मिल सके।
पवन टीनू और मालविंदर सिंह कंग ने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि डीपीआर से संबंधित लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक आपत्तियों को शीघ्र दूर करवाकर उसे मंजूरी प्रदान की जाए और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
दोनों नेताओं ने कहा कि इस परियोजना के दोबारा शुरू होने से जालंधर-होशियारपुर मार्ग पर यातायात दबाव कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा और पंजाब से हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्रालय इस मामले को प्राथमिकता देते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगा।


