मलेशिया से हाल ही में डिपोर्ट किए गए तीन संदिग्धों से पूछताछ के दौरान पंजाब में कथित आतंकी गतिविधियों को लेकर पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) पर आरोप है कि वह पंजाब में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए भारत में मौजूद गैंगस्टरों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान में बैठा एक ऑपरेटर इस पूरे नेटवर्क में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। वह मलेशिया में रह रहे अली नाम के एक व्यक्ति के जरिए नेटवर्क को संचालित कर रहा था। यह जानकारी अजय मलेशिया, जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल और पवनदीप सिंह के डिपोर्ट होने के बाद हुई पूछताछ में सामने आई।
तीनों संदिग्ध लुधियाना की सब्जी मंडी के पास चीनी निर्मित ग्रेनेड से हमला करने की नाकाम साजिश के मामले में पुलिस को वांछित थे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 10 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुक्तसर, गंगानगर और फरीदकोट की जेलों में बंद छह कैदी भी शामिल हैं।
ग्रेनेड से भरे बैग के साथ पकड़ा गया कुलदीप
पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को शिवपुरी चौक के पास गश्त कर रही टीम ने कुलदीप और शेखर नाम के दो युवकों को पकड़ा था। इस दौरान शेखर मौके से फरार हो गया, जबकि कुलदीप को ग्रेनेड से भरे बैग के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मुक्तसर जेल में बंद कुछ कैदियों ने दोनों को अमृतसर से विस्फोटक लाकर लुधियाना पहुंचाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई।
जस बेहबल के अली के संपर्क में आने का दावा
पुलिस के अनुसार, अजय के खालिस्तानी कट्टरपंथियों से संपर्क थे। वहीं, मलेशिया में रहने के दौरान जस बेहबल की मुलाकात अली से हुई थी। पुलिस का दावा है कि अली सीधे ISI के संपर्क में था और उसी के जरिए जस बेहबल कथित तौर पर ISI नेटवर्क के संपर्क में आया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसके बाद पंजाब में ग्रेनेड हमले के जरिए शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की साजिश रची गई।


