Tuesday, August 11, 2026
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मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना के तहत 65 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता से मिला सम्मान एवं नया आत्मविश्वास; पंजाब सरकार ने महिला सशक्तीकरण को दी नई उड़ान: डॉ. बलजीत कौर

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  • विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा विधानसभा में पेश महिला सशक्तीकरण का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित; कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने किया भरपूर समर्थन

    सशक्तीकरण का वास्तविक आधार शिक्षा, अवसर, अनुभव और आत्मविश्वास; पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए सृजित किया नया माहौल

    जनहित योजनाओं को निरंतरता देने के साथ महिलाओं को विकास की बराबर की भागीदार बनाया

    महिलाओं को घरों की चारदीवारी से बाहर लाकर सामाजिक बाधाओं को तोड़ने की दिशा में उठाए ऐतिहासिक कदम: डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़, 10 अगस्त: पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब विधानसभा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा द्वारा पेश किए गए महिला सशक्तीकरण संबंधी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया, जो महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और समानता के प्रति पूरे सदन की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना के तहत 65 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करके पंजाब सरकार ने महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्म-सम्मान, आत्मविश्वास और समाज में स्वतंत्र पहचान प्रदान करना है।

    प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने महिला सशक्तीकरण को केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ऐसा सामाजिक माहौल सृजित किया है, जिससे महिलाएं शिक्षा, रोजगार, अवसरों और आत्मविश्वास के बल पर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का वास्तविक आधार शिक्षा, समान अवसर, अनुभव और आत्मविश्वास है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को घरों की चारदीवारी से बाहर निकलकर समाज को समझने, अपनी योग्यता निखारने और नए अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है, तो वे और अधिक आत्मनिर्भर और सक्षम बनती हैं। इसी सोच के साथ पंजाब सरकार ने सामाजिक बाधाओं को तोड़ते हुए महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित किए हैं।

    उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि विकास यात्रा की बराबर की भागीदार बनाया है। महिलाओं के लिए रोजगार के समान अवसर सुनिश्चित करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को प्रभावी ढंग से जारी रखने का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना भी है। इसी तरह मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में भी बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाओं की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आती हैं।

    उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा समाज सृजित करना है जहां हर बेटी और महिला को सुरक्षा, सम्मान, समान अवसर और अपनी क्षमता को निखारने के लिए अनुकूल वातावरण मिले। पंजाब सरकार की नीतियां इसी सोच को मूर्त रूप दे रही हैं।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकारें बदलने से अक्सर जनहित योजनाएं बंद कर दी जाती हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को न केवल निरंतरता दी, बल्कि उन्हें और अधिक प्रभावी भी बनाया।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दी जा रही है और बाकी पात्र महिलाओं के पंजीकरण का काम भी लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल ₹1000 और ₹1500 की वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्म-सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

    उन्होंने कहा कि अनेकों महिलाओं ने सारी उम्र अपने परिवारों की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी और अपनी जरूरतों को पीछे रखामाँवां-धियां सत्कार योजना ऐसी महिलाओं को अपनी अलग पहचान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकारी चिल्ड्रन होम्स में इस समय 215 बच्चे रह रहे हैं, जिनमें 157 लड़कियां और 58 लड़के हैं। इसी तरह ऑब्जर्वेशन होम्स में 495 लड़के और केवल 5 लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासों की आवश्यकता है और पंजाब सरकार इस दिशा में पूरी दृढ़ता से काम कर रही है।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार में वित्त मंत्री भी एक महिला हैं, लेकिन इसके बावजूद देश स्तर पर ऐसी कोई व्यापक योजना नहीं लाई गई, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर महिलाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता देकर उनके आत्म-सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान को मजबूत किया गया हो। उन्होंने कहा कि इस पहलू से मुख्यमंत्री माँवां-धियां सत्कार योजना पूरे देश के लिए एक अनूठी मिसाल बनकर उभरी है।

    विधानसभा में चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री स. तरुनप्रीत सिंह सौंद ने महिला सशक्तीकरण, स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक मजबूती और महिलाओं के लिए सृजित नए अवसरों संबंधी पंजाब सरकार की उपलब्धियों को सदन के समक्ष विस्तार से रखा। इस अवसर पर विधायक इंद्रजीत कौर मान,  जीवनजोत कौर, नरिंदर कौर भराज और सर्वजीत कौर मानूंके ने भी महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में अपने विचार साझा किए।

    कैबिनेट मंत्री ने महिला सशक्तीकरण संबंधी प्रस्ताव सदन में पेश करने के लिए विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा का धन्यवाद करते हुए खुशी व्यक्त की कि यह प्रस्ताव पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया, जो महिलाओं के सम्मान, अधिकारों, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता के प्रति पूरे सदन की साझा प्रतिबद्धता का मजबूत प्रकटीकरण है। उन्होंने कहा कि ऐसी सार्थक चर्चाएं और सर्वसम्मति से लिए गए फैसले महिला सशक्तीकरण को और गति देने और समाज में लिंग समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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