केंद्र सरकार ने रविवार को फैसला लिया है कि अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंप पर भी केरोसिन मिल सकेगा। अब सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन रख और बांट सकेंगी।
हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।
सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके।
सरकार ने ये फैसला अमेरिका-इजराइल के ईरान संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी है। केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है।
सरकार के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। घरेलू खपत को देखते हुए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ और ज्यादा बिक्री देखने को मिली। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की कमी नहीं है और लोगों से अपील की गई है कि घबराकर खरीदारी न करें।


