लुधियाना के माछीवाड़ा में कोयले की गैस चढ़ने से दो टैंकर ड्राइवरों की मौत हो गई। दोनों ट्रक ड्राइवर उत्तर प्रदेश के आगरा से लुधियाना आए थे। ठंड से बचने के लिए उन्होंने रात को टैंकर में एक बर्तन में कोयले जलाए थे। आग सेंकने के बाद दोनों सो गए। कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनने को उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, दोनों व्यक्ति पांच जनवरी को आगरा से ऑयल टैंकर लेकर लुधियाना आए थे और एक दो दिन में उनकी वापसी होनी थी। बीती रात दोनों ने अन्य साथियों के साथ खाना खाया और उसके बाद टैंकर में सोने चले गए। सुबह जब काफी देर तक वो उठे नहीं तो उनके अन्य साथी उन्हें देखने गए। दोनों ट्रक के दरवाजे अंदर से लॉक किए थे और बेसुध पड़े थे।
साथियों ने जब टैंकर के दरवाजे खोले और उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं उठे। फिर उन्होंने फैक्ट्री में अन्य लोगों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव कब्जे में लिए। मृतक ड्राइवरों की पहचान आगरा के डोंगरू तहसील खेरागढ़ निवासी छोटू राम और भरतपुर के रूपवश तहसील मीरथा गांव निवासी भगवान के रूप में हुई है।
थाना प्रभारी पवित्र सिंह ने बताया कि एक ड्राइवर उत्तर प्रदेश व दूसरा राजस्थान का रहने वाला है। वो जब भी बाहर जाते थे तो रात को टैंकर में ही सोते थे। दोनों ने ठंड से बचने के लिए खिड़की व दरवाजे बंद किए थे, जिसकी वजह से कोयले जलने से जो गैस निकली वो टैंकर के कैबिन में ही घूमती रही और दोनों की मौत हो गई।


