महाराष्ट्र के दो नगर परिषद चुनाव के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन किया है। अंबरनाथ में बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर नगर परिषद का अध्यक्षता बनाया है। जबकि अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में पार्टी ने AIMIM के साथ गठबंधन किया।
हालांकि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को इन गठबंधन को खारिज कर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। फडणवीस ने कहा कि इस तरह के गठबंधनों को पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व ने मंजूरी नहीं दी है और यह संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन है।
अंबरनाथ में बीजेपी-कांग्रेस साथ में आई
अंबरनाथ में बीजेपी ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ बनाई। 32 सीटों के बहुमत के साथ नगर परिषद में बहुमत हासिल किया, जबकि शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही। अंबरनाथ नगर परिषद में 20 दिसंबर को 60 सदस्यीय चुनाव हुआ था। तीनों पार्टियों ने कहा कि यह कदम नगर को सुरक्षित और स्थिर प्रशासन देने के लिए है।
भाजपा पार्षद अभिजीत करंजुले पाटील ने कहा कि यह गठबंधन अंबरनाथ को भ्रष्टाचार और डर से मुक्त करने के लिए बनाया गया। वहीं, शिवसेना के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने इसे साझेदारी धर्म का विश्वासघात” करार दिया और कहा कि भाजपा का राष्ट्रीय नारा ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ स्थानीय स्तर पर धरातल पर नहीं दिखा।
अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में बीजेपी ने AIMIM के साथ ‘अकोट विकास मंच’ बनाया। इसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT), शिंदे की शिवसेना, अजीत पवार की एनसीपी, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और बच्चू काडू के नेतृत्व वाली प्रहार जनशक्ति पार्टी भी शामिल है।


