Tuesday, May 12, 2026
Tuesday, May 12, 2026

सोमनाथ पर गजनवी के आक्रमण के 1000 साल:मोदी ने लिखा- यह विध्वंस नहीं, हमारे स्वाभिमान की गाथा; मिटाने वाले खत्म हो जाते हैं

Date:

पीएम मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन में बने पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर पर एक लेख लिखा है। यह ब्लॉग पोस्ट सोमनाथ पर 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर है। पीएम ने इसे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व नाम दिया है।

गौरतलब है कि विदेशी आक्रमणकारी गजनी के महमूद गजनवी ने जनवरी 1026 में सोमनाथ पर आक्रमण कर उसे ध्वस्त कर दिया था।
सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है।

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है। ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है…सौराष्ट्रे सोमनाथं च…यानी ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है।

शास्त्रों में ये भी कहा गया है-
अर्थात्, सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है। मन में जो भी पुण्य कामनाएं होती हैं, वो पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है।

दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ मंदिर, जो करोड़ों लोगों की श्रद्धा और प्रार्थनाओं का केंद्र था, विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था। जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण कर उसे ध्वस्त कर दिया था।

यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था। फिर भी एक हजार साल बाद आज भी यह मंदिर पूरे गौरव के साथ खड़ा है।

साल 1026 के बाद समय-समय पर इस मंदिर को पुन:निर्मित करने के प्रयास जारी रहे। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में आकार ले सका।

संयोग से 2026 का यही वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का भी वर्ष है। 11 मई 1951 को इस मंदिर का पुनर्निर्माण सम्पन्न हुआ था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related