पंजाब की सीट से राज्यसभा का रास्ता राजिंदर गुप्ता के लिए साफ हो गया है। उनके समक्ष किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। तीन आजाद प्रत्याशियों के अलावा उनकी पत्नी ने ही नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
तीन निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन पत्र को चुनाव ऑबजर्वर की तरफ से रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद अब राजिंदर गुप्ता के समक्ष उनकी पत्नी ही चुनाव मैदान में बची हैं। वह भी नामांकन पत्र वापस लेती हैं तो मतदान की भी जरूरत नहीं रहेगी। अब पूरी तरह से साफ हो गया है कि राजिंदर गुप्ता के लिए राज्यसभा दूर नहीं है।
उनके खिलाफ महाराष्ट्र के सांगली के प्रभाकर दादा और हैदराबाद के क्रांति सयाना ने नामांकन दाखिल किए थे। इसके अलावा जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी ने AAP के विधायकों का ही समर्थन होने की बात कहकर नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इन सभी के नामांकन पत्रों में कमियां पाई गई हैं, जिस कारण इन्हें रद्द कर दिया गया है।


